शुभ रात्रि शायरी – चाँद तारों से रात जगमगाने

“चाँद तारों से रात जगमगाने लगी है, फूलों की खुशबू भी दुनिया को महकाने लगी है, हो चुकी है अब यह रात गहरी है, खामोश अब चारों दिशाएं लगता है, इनको भी निंदिया रानी आने लगी है।
शुभ रात्रि!”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *