शुभ रात्रि शायरी – जो ख़ुशी करीब हो वो

“जो ख़ुशी करीब हो वो सदा तुम्हें नसीब हो; ज़िंदगी का हर लम्हा सदा तेरे लिए हसीन हो; जो तुझ को पसंद हो तुम्हारे दिल की उमंग हो; चाहे जिस हमसफ़र को तेरी ज़िंदगी वो सदा तेरे संग हो।
शुभ रात्रि!”

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