शुभ रात्रि शायरी – तेरी चाहत तेरी उल्फत की

“तेरी चाहत तेरी उल्फत की अदा काफी है; ज़िंदा रहने के लिए तेरी वजह काफी है; बे-वजह हाथ उठाने की ज़रूरत है; दिल से मांगो तो बस एक दुआ ही काफी है।
शुभ रात्रि!”

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