शुभ रात्रि शायरी – फूलों की तरह महकते रहो

“फूलों की तरह महकते रहो; सितारों की तरह चमकते रहो; किस्मत से मिली है ये ज़िंदगी;
खुद भी हँसो और औरों को भी हँसाते रहो।
शुभ रात्रि!”

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