शुभ रात्रि शायरी – ख़ुशी से दिल को आबाद

“ख़ुशी से दिल को आबाद करना; ग़म को दिल से आज़ाद करना; बस इतनी गुज़ारिश है आपसे कि; हो सके तो दुआ में एक बार याद जरुर करना।
शुभ रात्रि!”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *