सुप्रभात शायरी – गलती कबूल करने और गुनाह

“गलती कबूल करने और गुनाह छोड़ने में कभी देर ना करें क्योंकि सफर जितना लम्बा होगा वापसी उतनी मुश्किल होगी।
सुप्रभात!”

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