सुप्रभात शायरी – सुबह सुबह हो खुशियों का

“सुबह सुबह हो खुशियों का मेला; ना हो लोगों की परवाह, ना हो दुनिया का झमेला; पंछियो का हो मधुर संगीत, और मौसम हो अलबेला; मुबारक हो आपको ये ख़ूबसूरत सवेरा।
सुप्रभात!”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *