Apna Shayari – परखना मत परखने में कोई

परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता,
किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता,
बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फासला रखना,
जहां दरिया समंदर से मिला, दरिया नहीं रहता…!!!

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