Armaan Shayari – कुछ अरमान उन बारीश कि

कुछ अरमान उन बारीश कि बुंद कि तरह होते है,
जिनको छुने कि ख्वाहिश में, हथेलिया तो गीली हो जाती है, पर हाथ हमेशा खाली रह जाते है.

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