Benaqab Shayari – यूँ न पूछ मुझसे सरेआम

यूँ न पूछ मुझसे सरेआम, मेरी उदासियों का सबब,
अल्फ़ाज निकले तो, कई अपने बेनक़ाब हो जायेगे।

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