Category: Apna Shayari

Apna Shayari – परखना मत परखने में कोई

परखना मत, परखने में कोई अपना नहीं रहता,
किसी भी आईने में देर तक चेहरा नहीं रहता,
बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फासला रखना,
जहां दरिया समंदर से मिला, दरिया नहीं रहता…!!!

Apna Shayari – तुम अपना रंजो-गम अपनी परेशानी

तुम अपना रंजो-गम अपनी परेशानी मुझे दे दो,
तुम्हें मेरी कसम यह दुख यह हैरानी मुझे दे दो।
ये माना मैं किसी काबिल नहीं इन निगाहों में,
बुरा क्या है अगर इस दिल की वीरानी मुझे दे दो।


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