Category: Betiya Shayari

Betiya Shayari – बोये जाते हैं बेटे.. पर

बोये जाते हैं बेटे.. पर उग जाती हैं बेटियाँ,
खाद पानी बेटों को.. पर लहराती हैं बेटियां,
स्कूल जाते हैं बेटे.. पर पढ़ जाती हैं बेटियां,
मेहनत करते हैं बेटे.. पर अव्वल आती हैं बेटियां,
रुलाते हैं जब खूब बेटे.. तब हंसाती हैं बेटियां,
नाम करें न करें बेटे.. पर नाम कमाती हैं बेटियां,
जब दर्द देते बेटे.. तब मरहम लगाती बेटियां,
छोड़ जाते हैं जब बेटे.. तो काम आती हैं बेटियां,
आशा रहती है बेटों से.. पर पुर्ण करती हैं बेटियां,
हजारों फरमाइश से भरे हैं बेटे.. पर समय की नज़ाकत को समझती बेटियां,

Betiya Shayari – ओस की बुँद सी होती

ओस की बुँद सी होती है बेटीयाँ..
सपर्श खुरदरा हो तो रोती है बेटीयाँ..

रोशन करेगा बेटा तो एक कुल को..
दो दो कुलो की लाज होती है बेटीयाँ..

कोई नही है एक दुसरे से कम..
हीरा अगर है बेटा ….
….. तो सुचा मोती हैं बेटीयाँ…

काँटो की राह पर ये खुद ही चलती हैं..
औरो के लिए फुल होती है बेटीयाँ…

विधी का विधान है.. यही दुनीयाँ की रसम है..
मुठी भर नीर सी होती है बेटीयाँ…

Betiya Shayari – बेटी को चांद जैसा मत

बेटी को चांद जैसा मत बनाओ कि हर कोई घूर घूर कर देखे…
किंतु.. बेटी को सूरज जैसा बनाओ ताकि घूरने से पहले सब की नजर झुक जाये.


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