Category: Ehsaan Shayari

Ehsaan Shayari – हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल

हम दोस्ती एहसान वफ़ा भूल गए हैं,
जिंदा तो है जीने की अदा भूल गए हैं,

खुशबु जो लुटाती है मसलती है उसी को,
एहसान का बदला यही मिलता है कली को,
एहसान तो लेते है सिला भूल गए हैं,

Ehsaan Shayari – कैसे चुकाऊं किश्तें ख्वाहिशों की

कैसे चुकाऊं किश्तें ख्वाहिशों की ..
मुझ पर तो ज़रुरतों का भी एहसान चढा हुआ है ..!!


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Ehsaan Shayari – तेरा एहसान हम कभी नही

तेरा एहसान हम कभी नही चुका सकते,
तु अगर माँगे जान तो इनकार नही कर सकते,
माना जिन्दगी लेती है इम्तिहान बहुत,
तु अगर हो साथ तो हम कभी हार नहीं सकते.

Ehsaan Shayari – चेहरों के लिए आईने कुर्बान

चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये हैं ,
इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये हैं ।

महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश,
जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये हैं ।

Ehsaan Shayari – न माँग कुछ जमाने से ये

न माँग कुछ जमाने से
ये देकर फिर सुनाते हैं..
किया एहसान जो एक बार
वो लाख बार जताते हैं..
है जिनके पास कुछ दौलत
समझते हैं भगवान हैं हम..
ऐ बन्दे तू माँग अपने भगवान से
जहाँ माँगने वो भी जाते है.. …