Category: Jawaab Shayari

Jawaab Shayari – कहाँ से लाऊ हुनर उसे

कहाँ से लाऊ हुनर उसे मनाने का;
कोई जवाब नहीं था उसके रूठ जाने का;
मोहब्बत में सजा मुझे ही मिलनी थी;
क्यूंकी जुर्म मैंने किया था उससे दिल लगाने का।

Jawaab Shayari – तुमसे दोस्ती करने का हिसाब

तुमसे दोस्ती करने का हिसाब ना आया,
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया,
हम तो जागते रहे तुम्हारे ही ख्यालों में,
और तम्हें सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया।

४ लाइन हिंदी शायरी – तुज़से दोस्ती करने का हिसाब ना

तुज़से दोस्ती करने का हिसाब ना आया,
मेरे किसी भी सवाल का जवाब ना आया,
हम तो जागते रहे तेरे ही ख़यालो मे,
और तुझे सो कर भी हमारा ख्वाब ना आया..!!!