Category: Mehfil Shayari

Mehfil Shayari – उतरे जो ज़िन्दगी तेरी गहराइयों

उतरे जो ज़िन्दगी तेरी गहराइयों में।
महफ़िल में रह के भी रहे तनहाइयों में
इसे दीवानगी नहीं तो और क्या कहें।
प्यार ढुढतेँ रहे परछाईयों मे।