Category: Sawan Shayari

Sawan Shayari – तेरा उलझा दामन मेरी अंजुमन

तेरा उलझा दामन मेरी अंजुमन तो नहीं,
जो मेरे दिल में है शायद तेरी धड़कन तो नहीं,

यू यकायक मुझे बरसात की क्यों याद आई,
जो घटा है तेरी आँखों में वो सावन तो नहीं.