Gair Shayari – तुम्हारा जिक्र हुआ तो महफ़िल छोड़

तुम्हारा जिक्र हुआ तो महफ़िल छोड़ आये
गैरों के लबों पे तुम्हारा नाम अच्छा नहीं लगता…..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading…