Hausla Shayari – जो सफर की शुरुआत करते

जो सफर की शुरुआत करते हैं,
वो मंज़िल को पार करते हैं,

एकबार चलने का होंसला तो रखो,
मुसाफिरों का तो रस्ते भी इंतज़ार करते हैं।

1 Comment

Add a Comment
  1. very nice

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading…