Imtehaan Shayari – दर्द की दास्ताँ अभी बाकी

दर्द की दास्ताँ अभी बाकी है
महोब्बत का इम्तेहान अभी अभी बाकी है
दिल करे तो फिर से वफ़ा करने आ जाना
दिल ही तो टुटा है जान अभी बाकी है

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