Imtehaan Shayari – ना जाने कैसे इम्तेहान है… अपने ये

ना जाने कैसे, इम्तेहान है…
अपने ये आजकल..
मुक़दर, मोहब्बत और दोस्त
तीनो नाराज़ से रहते है!!

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