Jaagna Shayari – ख़ूबसरत है ऑंखें तेरी रात

ख़ूबसरत है ऑंखें तेरी, रात को जागना छोड दे,
ख़ुद ब ख़ुद नींद आ जायेगी, तू मुझे सोचना छोड दे !

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