Justaju Shayari – .न तख्तो ओ ताज की

.न तख्तो ओ ताज की आरजू
न बज्म शाह की जुस्तजू…
जो नजर दिल को बदल सके…
मुझे उस निगाह की तलाश है!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading…