Kamyaabi Shayari – उम्मीदों का दामन थाम रहे

उम्मीदों का दामन थाम रहे हो,
तो “हौसला” कायम रखना…

क्योकि,

जब नाकामियां “चरम”पर हों,
तो “कामयाबी” बेहद करीब होती है..!

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