Kiss Shayari – बे-गिनती बोसे लेंगे रुख़-ए-दिल-पसंद के आशिक़

बे-गिनती बोसे लेंगे रुख़-ए-दिल-पसंद के
आशिक़ तिरे पढ़े नहीं इल्म-ए-हिसाब को

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