Mehboob Shayari – इन बादलों का मिज़ाज मेरे

इन बादलों का मिज़ाज मेरे मेहबूब
से काफी मिलता है,
कभी टुटके बरसाते है तो कभी
बेरुखी से गुजर जाते है..!!

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