Mohabbat Shayari – जब भी बही खाते निकलेंगे तेरे

जब भी बही खाते निकलेंगे तेरे मेरे क़र्ज़ के !
तुझ पे मेरी मोहब्बत उधार निकलेगी और मुझ पे तेरे सितम !!

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