Nazar Shayari – यहाँ भला कौन अपनी मर्ज़ी

यहाँ भला कौन अपनी मर्ज़ी से जी रहा है
सभी इशारे तेरी नज़र से बंधे हुए हैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading…