Prerak Shayari – तुम मुसाफिर हो ये मुमकिन

तुम मुसाफिर हो ये मुमकिन है
राह में वक्त-ए-शाम आ जाए,
सबसे झुककर मिलो, क्या पता,
जिंदगी में कौन किस वक्त काम आ जाए..!

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