Religious Shayari – खुशबु आ रही है कहीँ

खुशबु आ रही है कहीँ से गांजे और भांग की !!!
शायद खिड़की खुली रह गयी है ‘
मेरे महांकाल’ के दरबार की…!!
…’हर हर महादेव ‘…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

loading…