Sapne Shayari – सपने बुनता है रात दिन

सपने बुनता है रात दिन तेरे
नींद में भी खयाल तेरा है

कैसी लगन लगी है ये तुझसे
मुझमे कुछ बाकी नहीं जो मेरा है

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