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सुप्रभात शायरी – ये खूबसूरत फ़िज़ाओं में फूलों

“ये खूबसूरत फ़िज़ाओं में फूलों की खुशबू हो; सुबह की किरण में पंछियों की आवाज़ हो; जब भी खोलो अपनी ये निगाहें; उन निगाहों में सिर्फ खुशियों की झलक हो।
सुप्रभात!”

सुप्रभात शायरी – ना अब वो सुबह आएगी

“ना अब वो सुबह आएगी कभी ना सूरज दिखेगा आँगन में होगा उजाला सहर भी होगी
होंगे पंछियों के गीत भी फूल भी होंगे मग़र अब बगिया ना महकेगी..!!”

सुप्रभात शायरी – सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत

“सुबह सुबह ज़िन्दगी की शुरुआत होती है; किसी अपने से बात हो तो खास होती है; हँस के प्यार से अपनों को सुप्रभात बोलो तो; खुशियाँ अपने आप साथ होती हैं।
सुप्रभात!”


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सुप्रभात शायरी – ख़ुशी एक ऐसा एहसास है

“ख़ुशी एक ऐसा एहसास है, जिसकी हर किसी को तलाश है; ग़म एक ऐसा अनुभव है, जो सबके पास है;
मगर ज़िन्दगी तो वही जीता है, जिसको खुद पर विश्वास है।
सुप्रभात!”