Tere Bina Shayari – अधूरी है हर आयात मेरी

अधूरी है हर आयात मेरी
तेरे ज़िक्र के बिना
मेरे हर लफ़्ज़ मेरी हर दुआ की
जैसे रूह तुम हो

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