Wajood Shayari – कब टिकती है वो अपने

कब टिकती है वो अपने कहे पर ?
.. ज़ुबाँ-ए-ज़ीस्त पे तो झांसे रहे…

मुद्दतों से कायम है तेरा ही वजूद..,
यादों के साये में अच्छे खासे रहे…

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